"Don’t Be Comfort Seeker be an Ascetic"
Sainik School
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Posted by Priya on 2024-05-12 02:31:24 |
Last Updated by Priya on 2025-01-03 02:17:16
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"Don’t Be Comfort Seeker be an Ascetic"
सुविधाभोगी मत बनो, तपस्वी बनो
विलासिनी मा भव तपस्वी भव
Don’t Be Comfort Seeker be an Ascetic.
जो तपता वही निखरता हे, जैसा सोना जो विद्यार्थी अपने को तपता हे अर्थ कष्ट का पालन करता है बिना निरंतर प्रयास करता हे, सफला उस बच्चे की कदम चूमती हे .
कुतो विद्या नास्ति विद्यार्थिनः सुखम्।
सुखार्थी वा त्यजेत् विद्यां विद्यार्थी वा त्यजेत् सुखम्॥
सुख चाहने वाले से विद्या दूर रहती है और विद्या चाहने वाले से सुख। इसलिए जिसे सुख चाहिए, वह विद्या को
छोड़ दे और जिसे विद्या चाहिए, वह सुख को।
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